SeekMYCOURSE AI Technologies Pvt Ltd. AI-powered learning in 15+ languages.

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सोशल इम्पैक्ट

शिक्षा एक मानव अधिकार है,
कोई विशेषाधिकार (Privilege) नहीं

टैलेंट हर जगह है, लेकिन अवसर नहीं। 800 मिलियन से अधिक भारतीय क्वालिटी एजुकेशन से वंचित हैं क्योंकि यह उनकी भाषा नहीं बोलता। SeekMYCOURSE इसे ठीक करने के लिए है — AI का उपयोग करके लर्निंग को हर भारतीय भाषा में पर्सनल, गेमिफाइड और सुलभ बनाने के लिए।

द रिपल इफ़ेक्ट
800M+
Underserved Learners
15+
Languages Supported
22
Official Indian Languages
90%
Content English-Only
पहल (Initiatives)

हमारे इम्पैक्ट के स्तंभ (Pillars)

वर्नाक्युलर इन्क्लूज़न
SeekMYCOURSE पर हर कोर्स 15+ भारतीय भाषाओं — हिंदी, तमिल, तेलुगु, बंगाली, मराठी, कन्नड़, मलयालम, गुजराती, पंजाबी, ओडिया, असमिया, आदि में जनरेट किया जा सकता है। हम अंग्रेजी कंटेंट का अनुवाद नहीं करते — हम सांस्कृतिक संदर्भ और शब्दावली को बनाए रखते हुए प्रत्येक भाषा में नेटिव रूप से जनरेट करते हैं।
रूरल डिजिटल स्किलिंग
ग्रामीण महाराष्ट्र में एक किसान की बेटी अब 18 इंटरैक्टिव गेम्स और एक AI ट्यूटर के साथ — मराठी में — पायथन सीख सकती है। कोई महंगी कोचिंग नहीं। अंग्रेजी फ्लूएंसी की आवश्यकता नहीं। बस एक स्मार्टफोन और जिज्ञासा। यही वह विज़न है जिस पर हम काम कर रहे हैं।
टेक में महिलाएं
टियर-2 और टियर-3 शहरों में महिलाओं को भाषा, लागत और एक्सेस जैसी कई बाधाओं का सामना करना पड़ता है। SeekMYCOURSE इन तीनों को दूर करता है। उनकी अपनी भाषा में AI-जनरेटेड टेक कोर्सेज, एंगेजमेंट बनाए रखने के लिए गेमिफाइड, और मुफ्त से शुरू होने वाले एक्सेसिबल प्राइसिंग के साथ।
समस्या

यह मायने क्यों रखता है

भारत में दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी है। लेकिन एजुकेशन सिस्टम उनके लिए नहीं बनाया गया था।

01
90% एडटेक कंटेंट केवल अंग्रेजी में है
केवल 10% भारतीय अंग्रेजी में फ्लूएंट हैं। बाकी 90% — लगभग 1.2 बिलियन लोग — एक ऐसी भाषा में सीखने के लिए मजबूर हैं जो उनकी नहीं है, या फिर वे बिल्कुल नहीं सीख पाते।
02
वीडियो प्लेटफॉर्म्स पर 85%+ ड्रॉपआउट रेट्स
पैसिव वीडियो-बेस्ड लर्निंग काम नहीं करती। छात्र देखते हैं लेकिन याद नहीं रख पाते। इंटरैक्शन, प्रैक्टिस या गेम्स के बिना, ज्ञान टिकता नहीं है।
03
कोचिंग महंगी और अर्बन-सेंट्रिक है
क्वालिटी JEE/NEET/CAT कोचिंग की कीमत ₹1-5 लाख प्रति वर्ष है और यह महानगरों में केंद्रित है। ग्रामीण भारत के छात्र संरचनात्मक रूप से वंचित हैं।
04
विविध लर्नर्स के लिए कोई पर्सनलाइज़ेशन नहीं
हर छात्र अलग तरह से सीखता है। फिर भी मौजूदा प्लेटफॉर्म्स वन-साइज़-फिट्स-ऑल कंटेंट परोसते हैं। भाषा, गति या लर्निंग स्टाइल के अनुसार कोई अनुकूलन नहीं।
बदलाव की कहानियां

मैंने स्कूल छोड़ दिया था क्योंकि सब कुछ अंग्रेजी में था और मैं समझ नहीं पा रही थी। जब मुझे SeekMYCOURSE मिला, तो मैंने हिंदी में एक पूरा वेब डेवलपमेंट कोर्स जनरेट किया — ऐसे गेम्स के साथ जिन्होंने मुझे वास्तव में पढ़ने के लिए प्रेरित किया। पहली बार मुझे लगा कि शिक्षा मेरे लिए बनी है।

— प्रिया, 19 · जयपुर, राजस्थान
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क्या आप कोई NGO, सरकारी संस्था, CSR इनिशिएटिव या शैक्षणिक संस्थान हैं? आइए मिलकर भारत के हर कोने में AI-पावर्ड वर्नाक्युलर एजुकेशन को पहुंचाएं।

पार्टनर विद अस